राजस्थान में घटते जीव चिंता का विषय

डूंगर कॉलेज में जैव विविधता पर ज्ञान गंगा कार्यक्रम प्रारम्भ
बीकानेर.
सम्भाग के सबसे बड़े राजकीय डूंगर महाविद्यालय के प्राणीशास्त्र एवं वनस्पति विभाग के तत्वावधान में आयुक्तालय के ज्ञान गंगा कार्यक्रम के तहत छह दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का सोमवार को उद्घाटन हुआ। संयोजक डॉ. प्रताप सिंह ने बताया कि राजस्थान में घटते जीव चिंता का कारण बनते जा रहे हैं।

उन्हानें बताया कि जीवों के संरक्षण के हर सम्भव उपाय करने अब समय की मांग हो गई है। कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. जीपी सिंह ने बताया कि कार्यक्रम के अध्यक्ष कॉलेज शिक्षा आयुक्त सन्देश नायक तथा उपाध्यक्ष उपायुक्त बीएल गोयल थे। वहीं मुख्य अतिथि महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वीके सिंह रहे। प्राचार्य सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में जैव विविधता जैसे विषयों पर मंथन अत्यावश्यक हैै।

इसी क्रम में आयुक्तालय के प्रतिनिधि डॉ. सुरेन्द्र भारद्वाज ने ज्ञान गंगा कार्यक्रम की उपादेयता पर बताया। मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. वीके सिंह ने बताया कि राजस्थान में पाई जाने वाली जैव विवधता विशेष है तथा इसके संरक्षण की महती आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए जैव विविधता से छेड़छाड़ करने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

प्राणीशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र पुरोहित ने बताया कि आज के तकनीकी सत्र में उदयपुर के सेवानिवृत वन अधिकारी डॉ. सतीश शर्मा ने कम संरक्षित क्षेत्रों में पाई जाने वाली जीव जन्तुओं एवं वनस्पतियों के बारे में विस्तृत चर्चा की। डॉ. शर्मा ने बताया कि सरकारी योजनाओं में इनकी ओर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। इस अवसर पर गुजरात की एचसीएन विश्वविद्यालय पाटन के डॉ. निशित धैरेया, कार्यक्रम संयोजक डॉ.नवदीप सिंह, डॉ. मनीषा अग्रवाल तथा डॉ. विनोद कुमारी ने विचार व्यक्त किए।



source https://www.patrika.com/bikaner-news/declining-creatures-of-concern-in-rajasthan-6710200/

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