आचार्य तुलसी के महाप्रयाण दिवस पर आज से होंगे दो दिवसीय कार्यक्रम
बीकानेर. गणाधिपति आचार्य तुलसी का 25 वां महाप्रयाण दिवस विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजनों के साथ श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा। दो दिवसीय कार्यक्रम 26 और 27 जून को होंगे। शुक्रवार को आर्शीवाद भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष महावीर रांका ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण इस बार आचार्य तुलसी के समाधिक स्थल नैतिकता के शक्तिपीठ में सार्वजनिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं होगा। 26 जून को आचार्य तुलसी -एक विराट व्यक्तित्व कार्यक्रम का आयोजन होगा। इसका प्रसारण होगा।
वहीं 27 जून को भक्ति संगीत संध्या आयोजित होगी। उन्होंने कहा कि आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान 24 वर्ष पूर्ण कर 25 वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। प्रतिष्ठान के कई प्रकल्प गुरुदेव आचार्य तुलसी के उपदेशों, संदेशो, कार्यो और शिक्षाओं तथा मानवता की सेवा में तत्पर है। प्रतिष्ठान के महामंत्री हंसराज डागा ने बताया कि आचार्य तुलसी विराट व्यक्तित्व थे। उन्होंने मानवीय पीडाओं को समझा और रास्ता भी सुझाया। गुरुदेव ने नैतिकता के विकास पर अधिक बल दिया।
नैतिकता के पतन को रोकने और जीवन में सुधार कर आगे बढऩे के लिए अणुव्रत आंदोलन चलाया। आचार्य तुलसी के उपदेशो, अवदानों को प्रतिष्ठान और आगे बढ़ाने के लिए कृत संकल्पित है। धमेन्द्र डाकलिया ने आचार्य तुलसी के महाप्रयाण दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ऑनलाइन प्रतियोगिताओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तुलसी सुर संगम, उद्गारों की अभिव्यक्ति प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विजेताओं की घोषणा शुक्रवार को की गई। पत्रकार वार्ता में दीपिका बोथरा, किशन बैद, जयंत सेठिया, मनोज सेठिया, दीपक आंचलिया, मनीष बाफना, करणीदान रांका आदि उपस्थित थे।
12 मिनट होगा जप तप संकल्प
आचार्य तुलसी के महाप्रयाण दिवस पर 27 जून को देशभर में सुबह 11.15 बजे से 11.27 बजे तक 12 मिनट जप तप संकल्प होगा। हंसराज डागा ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण तेरापंथ समाज के लोग देशभर में अपने-अपने स्थानों पर जप तप संकल्प में एक साथ शामिल होंगे और पूज्य गुरुदेव के प्रति अपना समर्पण प्रकट करेंगे।
सेवा के लिए संकल्पित है प्रतिष्ठान
आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान विभिन्न प्रकल्पों के माध्यम से मानव सेवा के लिए कृत संकल्पित है। हंसराज डागा के अनुसार पीबीएम अस्पताल परिसर में आचार्य तुलसी कैंसर रिसर्च सेंटर का संचालन प्रतिष्ठान की ओर से किया जा रहा है। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलो के ही नहीं आस पास के राज्यों से आने वाले मरीज भी लाभान्वित हो रहे है। भामाशाहों की मदद से भवन यह भवन तैयार हुआ है। यहां प्रतिवर्ष सवा लाख मरीज आउटडोर में पहुंचते है। प्रतिष्ठान गरीब और जरुरतमंदों के ऑपरेशन में भी मदद करता है। सेंटर का देशभर में महत्वपूर्ण स्थान है। यहां सेवा उत्कृष्ट और इलाज सस्ता है। आचार्य महाश्रमण के आर्शीवाद से इसका संचालन किया जा रहा है।वहीं समाधि स्थल परिसर में वाचनालय, प्रेक्षाध्यान, चित्रालय, मेडिटेशन की सुविधाएं है। हर साल बड़ी संख्या में लोग आचार्य तुलसी के समाधि स्थल परिसर पहुंचकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते है।
source https://www.patrika.com/bikaner-news/acharya-tulsi-6915469/
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