क्षतिग्रस्त और जर्जर मकानों पर चस्पा हो रहे नोटिस
बीकानेर. बारिश के दौरान जिन क्षतिग्रस्त और जर्जर मकानों से हादसा होने की आशंका है, ऐसे मकानों को चिह्नित कर नगर निगम ने नोटिस चस्पा करने की कार्यवाही शुरू कर दी है। सोमवार को निगम की ओर से करीब डेढ दर्जन जर्जर मकानों-भवनों पर नोटिस चस्पा किए गए। वहीं जिन जर्जर मकानों में परिवार रह रहे है उनसे जर्जर हिस्से को तकनीकी विशेषज्ञ की मौजूदगी में गिरवाने या मरम्मत करवाने के लिए कहा गया।
निगम उपायुक्त पंकज शर्मा के अनुसार मानसून के दौरान जिन क्षतिग्रस्त अथवा जर्जर मकानों, भवनों, हवेलियों आदि से हादसे की आशंका है, ऐसे मकानों और भवनों का सर्वे करवाया गया है। सर्वे के आधार पर संबंधित मकान या भवन मालिक के नाम नोटिस जारी कर जर्जर मकान पर नोटिस चस्पा करवाने की कार्यवाही शुरू की गई है। वहीं निगम कर्मचारी किशन व्यास, विनोद कुमार आदि ने संबंधित स्वच्छता निरीक्षकों व जमादारों के निर्देशन में नोटिस चस्पा किए।
पत्रिका ने उठाया मुद्दा
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित क्षतिग्रस्त और जर्जर मकानों, हवेलियों आदि से हादसे की आशंका को लेकर राजस्थान पत्रिका ने २८ जून को 'जर्जर आशियाने, हर समय रहती हादसे की आशंका Ó शीर्षक से समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया। निगम प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जर्जर मकानों पर नोटिस चस्पा करवाने की कार्यवाही शुरू की। निगम उपायुक्त पंकज शर्मा शहर में कई ऐसे जर्जर मकानों, हवेलियों का निरीक्षण कर स्थिति से अवगत हो चुके है।
source https://www.patrika.com/bikaner-news/damaged-and-dilapidated-houses-6921818/
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